पहले विश्वास जीता, फिर लालच से विश्वास हार गया, जैसा कि अक्सर व्यापारिक रिश्तों में होता है, बाद में चोरी पकड़े जाने से पहले की आशंका ने दिमाग में ऐसी सनक भरी कि वहशीपन की सारी हदें ही पार कर दी...।
घटना गोवा में जनवरी 2023 की है। आरोपी का नाम भरत कलबी है। वह मड़गांव के फतोर्डा इलाके में हार्डवेयर की दुकान में काम करता था, जिसने अपने दुकान मालिक ललित पर पहले 17 सैकंड में कोयते (हंसिए जैसा धारदार हथियार) से 14 वार किए। कोयता सिर में फंसा। 2 सैकंड बाद कोयता निकालकर 2 वार और किए। इस तरह कुल 21 सैकंड में 16 वार किए। गनीमत ये रही कि दुकान मालिक कोयते के वार झेलते-झेलते दुकान के बाहर आ गया। बाहर आने के बाद उस पर 3-4 वार ही किए। क्योंकि बाहर और भी दुकानें और भरा पुरा बाजार था। इसलिए आरोपी का वहशीपन थोड़ा नरम पड़ गया। इसलिए समय पर हॉस्पिटल पहुंचाने से पीड़ित ललित की जान बच सकी। इस मामले में दक्षिण गोवा सेशन कोर्ट ने 2 दिन पहले ही इसी सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत मानते हुए आरोपी भरत को हत्या के प्रयास में 10 साल की सजा सुनाई। आरोपी और पीड़ित दोनों जालोर जिले के निवासी हैं। दोनों दूर के रिश्तेदार भी हैं।
सबक:
- किसी भी नजदीकी रिश्तेदार पर ये सोचकर भरोसा ना करें कि वह आपका थोड़ा सगा है तो ईमानदार ही होगा। उसकी हरकतें, जरूरतें और अन्य गतिविधियों पर नजर रखें तो शायद बच सकते हैं।
नॉलेज:
आमतौर पर धारणा ये रहती है कि सीसीटीवी फुटेज या वायरल वीडियो को कोर्ट सबूत के तौर पर कंसीडर नहीं करता लेकिन इस केस में सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत माना है।