टाइफाइड (Typhoid fever या मियादी बुखार) एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है जो *Salmonella Typhi* नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के माध्यम से फैलता है। यहां इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है:
1. **कारण:**
* **बैक्टीरिया:** *Salmonella enterica* serotype *Typhi*.
* **फैलाव:** संक्रमित व्यक्ति के मल या मूत्र से दूषित हुआ पानी या भोजन खाने-पीने से। यह सीधे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैल सकता है (खासकर अगर उनकी साफ-सफाई ठीक न हो)।
2. **लक्षण:**
* **शुरुआती लक्षण (1-3 सप्ताह में):** तेज बुखार (धीरे-धीरे बढ़ता हुआ), सिरदर्द, कमजोरी और थकान, मांसपेशियों में दर्द, पसीना आना।
* **पाचन संबंधी लक्षण:** पेट दर्द, कब्ज या दस्त (अक्सर शुरुआत में कब्ज, बाद में दस्त), भूख न लगना, उल्टी या जी मिचलाना।
* **अन्य लक्षण:** सूखी खांसी, त्वचा पर गुलाबी रंग के दाने (रोज स्पॉट्स), लीवर और प्लीहा का बढ़ना, हृदय गति धीमी होना।
* **गंभीर मामले:** भ्रम, बेहोशी, आंतों से खून बहना या आंत में छेद होना (इन्टेस्टाइनल परफोरेशन), जो जानलेवा हो सकता है।
3. **निदान (डायग्नोसिस):**
* **खून की जांच:** कल्चर (सबसे सटीक), विडाल टेस्ट (कम विश्वसनीय)।
* **मल या मूत्र की जांच:** कल्चर।
* **बोन मैरो टेस्ट:** कभी-कभी, खासकर अगर अन्य टेस्ट नेगेटिव आएं लेकिन लक्षण मजबूत हों।
4. **इलाज:**
* **एंटीबायोटिक्स:** यह इलाज की आधारशिला है। डॉक्टर उपयुक्त एंटीबायोटिक्स (जैसे सिप्रोफ्लॉक्सासिन, अज़िथ्रोमाइसिन, सेफ्ट्रिएक्सोन) निर्धारित करते हैं। **पूरा कोर्स लेना बेहद जरूरी है**, भले ही लक्षण ठीक हो जाएं, नहीं तो बैक्टीरिया वापस आ सकता है और दवा प्रतिरोधी बन सकता है।
* **तरल पदार्थ और पोषण:** डिहाइड्रेशन रोकने के लिए भरपूर तरल पदार्थ (ORS, पानी, नारियल पानी)। पौष्टिक, हल्का भोजन।
* **बुखार और दर्द के लिए:** पैरासिटामोल (डॉक्टर की सलाह से)। एस्पिरिन या आईबुप्रोफेन से बचें क्योंकि ये आंतों से खून बहने का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
* **गंभीर मामलों में:** अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत हो सकती है (नसों में तरल पदार्थ, इंजेक्शन वाली एंटीबायोटिक्स)। कभी-कभी सर्जरी की भी आवश्यकता होती है।
5. **बचाव (प्रिवेंशन):**
* **टीकाकरण (Vaccination):** टाइफाइड के दो प्रमुख टीके उपलब्ध हैं:
* **इंजेक्शन (Vi Capsular Polysaccharide Vaccine):** 2 साल से अधिक उम्र के लिए, 2-3 साल में बूस्टर जरूरी।
* **मुंह से लेने वाला (Ty21a Live Oral Vaccine):** 6 साल से अधिक उम्र के लिए, कैप्सूल के रूप में, हर 5 साल में बूस्टर जरूरी।
* **याद रखें:** टीका 100% सुरक्षा नहीं देता, इसलिए साफ-सफाई का ध्यान रखना अभी भी जरूरी है।
* **स्वच्छता:** यह सबसे महत्वपूर्ण बचाव है।
* **साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं:** खाना बनाने/खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद।
* **पानी:** साफ, उबला हुआ या फ़िल्टर्ड पानी पीएं। सड़क किनारे बिकने वाले पेय पदार्थों (जूस, बर्फ) से बचें।
* **भोजन:** अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाएं। कच्ची सब्जियां/फल खाने से बचें (खासकर बाहर)। सड़क किनारे खुले में बिकने वाले भोजन से बचें।
* **सफाई:** खाना बनाने और खाने की जगह साफ रखें। सीवेज सिस्टम ठीक होना चाहिए।
6. **जटिलताएं (Complications):**
* आंतों से खून बहना या आंत में छेद होना (जानलेवा)।
* दिमागी बुखार (मेनिन्जाइटिस)।
* दिल में सूजन (मायोकार्डिटिस)।
* निमोनिया।
* गुर्दे या लीवर की खराबी।
* **कैरियर स्टेट:** कुछ लोग इलाज के बाद भी बैक्टीरिया को अपने शरीर (खासकर पित्ताशय) में रख सकते हैं और दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं, भले ही उनमें खुद कोई लक्षण न हों।
7. **महत्वपूर्ण बातें:**
* **डॉक्टर को दिखाएं:** टाइफाइड के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। घरेलू इलाज या देरी खतरनाक हो सकती है।
* **एंटीबायोटिक्स का पूरा कोर्स:** डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी दवाएं पूरी अवधि तक लें।
* **सार्वजनिक स्वास्थ्य:** टाइफाइड एक नोटिफायबल बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति को अलग रखने और सफाई के उचित उपाय करने जरूरी हैं।
**याद रखें:** साफ पानी, साफ भोजन और अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता टाइफाइड से बचने के सबसे प्रभावी तरीके हैं। टीकाकरण भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है, खासकर उन इलाकों में यात्रा करते समय जहां टाइफाइड आम है।