

# Event Details

- **Event Name**: Surat LitFest 2026
- **Event Start and End Date**: Fri, 09 Jan, 2026 at 04:00 pm – Sun, 11 Jan, 2026 at 11:00 pm
- **Event Description**: सूरत लिटरेरी फाउंडेशन की स्थापना सूरत के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा सूरत में जीवन के विभिन्न पहलुओं पर देश विदेश के विद्वानों द्वारा चर्चा व उससे देशव्यापी विमर्श खड़ा करने के उद्देश्य से की गई है।सूरत में सम सामयिक विषयों पर चेतना को अधिक तीव्र करने में सहायक होने में इस मंच का महत्तम उपयोग हो ऐसा अपेक्षित है।२०४७ में भारत औपनिवेशिक गुलामी से मुक्ति के १०० वर्ष पूर्ण कर रहा होगा। अगले इन २५ वर्षों में भारत का विमर्श किस गति व दिशा में होना चाहिए इस विचार पर चर्चा विचार कर देश के नीति निर्धारकों को महत्वपूर्ण संदेश देने के उद्देश्य से भारत@२०४७ का विचार मंच गठित किया गया है।भारत सदैव विश्व में सभ्यताओं के विकास का मार्गदर्शक रहा है। हजार वर्षों की गुलामी ने हमसे यह स्थान छीन लिया था। आम जन मानस को जागृत कर पुनः भारत को विश्व का मार्गदर्शक बनाने के पुण्य कार्य में सहयोग करने की आशा से यह मंच निर्मित किया गया है।इस ज्ञान मंथन में विभिन्न ११ विषयों पर चर्चा होगी। देश विदेश के प्रबुद्ध विशेषज्ञ नीति निर्धारक राजनेता धर्म गुरु विश्लेषक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।देशभर से ४० से अधिक वक्ता व १०० से अधिक प्रतिभागी इस समारोह में भाग लेंगे।चर्चा विचार के साथ ही गत वर्ष की भाँति संस्कृति-कला का भी समागम देखने को मिलेगा जिसमें लोकनृत्य संगीत गायन लोककला आदि का भी आयोजन किया जायेगा। सायं ६ बजे से रात्रि तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे जिसमें गुजरात के सभी भागों से लोककलाकार प्रस्तुतियाँ देंगे। पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम भी होगा।
- **Event URL**: https://allevents.in/surat/surat-litfest-2026-tickets/80001461799927
- **Event Categories**: 
- **Interested Audience**: 
  - total_interested_count: 2242

## Ticket Details

- **Ticket Price Range**: min: 0, max: 0, currency: INR

## Event venue details

- **city**: Surat
- **state**: GJ
- **country**: India
- **location**: Convention Hall
- **lat**: 21.155914
- **long**: 72.7878977
- **full address**: Convention Hall, Veer Narmad South Gujarat University Campus, 
Udhna Magdalla Road,
Surat, Gujarat 395007, India

## Event gallery

- **Alt text**: Surat LitFest 2026
  - **Image URL**: https://cdn2.allevents.in/thumbs/thumb695ea51a8a0f4.jpg

## Comments

- [Hetal Patel | 2026-01-09 17:30:13] Great initiative.. must pay visit .. topic of discussion are the need f hour
- [Geeta Desai | 2026-01-10 04:26:14] How can I know all events?
- [Hiren Desai | 2026-01-10 04:27:49] What is today's schedule?
- [Chintan Engineer | 2025-12-14 10:43:26] Congratulations

## FAQs

- **Q**: When and where is Surat LitFest 2026 being held?
  - **A:** Surat LitFest 2026 takes place on Fri, 09 Jan, 2026 at 04:00 pm to Sun, 11 Jan, 2026 at 11:00 pm at Convention Hall, Veer Narmad South Gujarat University Campus, 
Udhna Magdalla Road,
Surat, Gujarat 395007, India.
- **Q**: Who is organizing Surat LitFest 2026?
  - **A:** Surat LitFest 2026 is organized by Surat Literary Foundation.
- **Q**: What has been the experience of attendees at Surat Literary Foundation's events?
  - **A:** Surat Literary Foundation has 7,800+ followers on AllEvents, reflecting a trusted and active community of event-goers who follow their events. Surat Literary Foundation has a verified profile on AllEvents where you can read reviews and explore their upcoming events.

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                "description": "सूर्यपुत्री ताप्ती(तापी) तट पर बसा प्राचीन सूर्यपुर नगर, अब गुजरात की आर्थिक राजधानी सूरत के नाम से जगविख्यात व भारत के सबसे प्रतिष्ठित शहरों में से एक है। महाभारत काल में महादानी कर्ण का अग्निसंस्कार सूर्यपुर में तापी तट पर ही हुआ था. इसी के प्रभाव से आज भी सूरत पूरे भारतवर्ष में दान, दया, धर्म के लिए जाना जाता है. यहाँ के लोग दान धर्म में बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं व सौम्य व शालीन जीवन व्यतीत करते हैं. कपड़ा उद्योग के लिए भारत का मैनचेस्टर, विश्व में हीरों की राजधानी, जहां के उद्योगपति दीपावली के उपहार स्वरुप कर्मचारियों को घर व कारें देते हैं. सूरत अपनी सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था, नवीन खाद्य व्यंजन, फ्लाईओवर, सीसीटीवी तथा स्वछता के लिए भी जाना जाता है। \n\n\nसमुद्र तट के समीप बसा सूरत, प्राचीन काल से ही यूरोप अफ्रीका व अन्य पश्चिमी देशों से  व्यापार का केंद्र रहा है. सूरत के व्यापारी सुदूर अफ्रीका, यूरोप, मिश्र, पारस, आदि देशों से व्यापार करते थे. ईस्ट इंडिया कंपनी ने भी अपना व्यापर सूरत से ही आरम्भ किया था. अंग्रेजों को चेक लिखने का उपाय सूरत की हुंडी से ही आया जो उस समय एक पत्र पर लिख कर दी जाती थी व धारक को उस देश के अमुक स्थान पर वह धनराशी प्राप्त हो जाती थी.  \n\n\nलेकिन इतना भव्य इतिहास होने व व्यापार, दान, धर्मं-कर्म की यह भूमि विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी होने के बाद भी साहित्य कला व संस्कृति के बड़े आयोजनों का अभाव सूरत के लोगों को अखरता है. एक शून्य पैदा हो गया है जिसे हम अपने आसपास पाते तो हैं किन्तु सुन, पढ़ या व्यक्त नहीं कर पाते। कवि नर्मद के पश्चात कोई बड़ा  साहित्यिक दिग्गज इस भूमि पर नहीं आया। न ही कवि सम्मेलनों व नाटकों के सिवाय साहित्य कला की चर्चा होती है.\n\n\nइसी शून्यता ने \"सूरत लिटरेरी फाउंडेशन\" के विचार को जन्म दिया। \nसूरत लिटफेस्ट केवल एक पहल ही नहीं; वरन नए सूरत की अभिव्यक्ति का मंच व माध्यम है। माता सरस्वती की आराधना भी माता लक्ष्मी और माता शक्ति के समान फलदायी है। \nसूरत लिटरेरी फाउंडेशन, सूरत के नागरिकों की पहल है. हम प्रबुद्ध महानुभावों  तक पहुंच रहे हैं, जिससे वे हमारे नगर को आशीर्वाद देने व ज्ञान का संगम करने हमारे लोगों के मध्य आयें.  क्योंकि अर्थ के समान शिक्षा, ज्ञान भी आत्मिक उत्थान के लिए अत्यंत आवश्यक है. \nभारत हर गुजरते दिन के साथ अपना खोया हुआ गौरव पुनः प्राप्त कर रहा है। अनादिकाल से इस भूमि ने एक सभ्यता के रूप में मानव जाति को रास्ता दिखाया है। एक हजार से अधिक वर्षों तक गुलामी की बेड़ियों में जकड़े होने के पश्चात भी, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से कमजोर कर दिए जाने के बाद भी हम संस्कृति के संदर्भ में फलने-फूलने और स्वस्थ होने में सफल रहे है. आज हम ऐसे महान मोड़ पर हैं, जहाँ वर्तमान संकटों के समाधान के लिए दुनिया की निगाहें हम पर टिकी हुई हैं. हमने मानवजाति के रक्षण के लिए सबसे आगे बढ़कर लड़ाई लड़ी है. चाहे जलवायु परिवर्तन का संकट हो, आर्थिक संकट हो या कोविड-19 महामारी, हमने सभी मोर्चों पर नेतृत्व किया है।\n\n\nअब से 25 वर्ष बाद, वर्ष 2047 में जब भारत औपनिवेशिक गुलामी से आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाएगा, तब का भारत कैसा होना चाहिए, “भारत@2047” में  हम इस पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं. \nधर्म, शिक्षा, राजनीती, अर्थव्यवस्था, शासन,  मीडिया, फिल्म, नीति निर्माण आदि के क्षेत्र में देश के नीति निर्माताओं की उपस्थिति में अगले 25 वर्षों में भारत को क्या करना चाहिए पर तीन दिन तक संवाद होगा. सूरत के लोग, तीन दिवसीय इस महा-मंथन को देखने सुनने की  उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं.\n"
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